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तुम्हारे मोहब्बत ने

तुम्हारे मोहब्बत ने मुझको शायर बना दिया तुम्हारे ख्वाबों ख्यालों में दिन-रात लिखे जा रहा हूं

मेरी चाहतों पर जो इतना एहसान किया है तुम्हारे प्यार से मेरे खुशियों का कोई ठिकाना नहीं रहता

यह मेरी भूल थी उसमें वफा की तलाश करते रहे मगर यह हकीकत है उसने कभी प्यार किया ही नहीं

मुझे खुश करने को झूठी तारीफ करते हैं अच्छा लगता है अपनी बातों से कोई मेरे मन को रिझाने की कोशिश करता है



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